Dharma is not a word but a life lived in truth.
धर्म कोई शब्द नहीं बल्कि सत्य में जिया गया जीवन है।
भगवान श्री राम को 'मर्यादा पुरुषोत्तम' कहा जाता है क्योंकि उन्होंने मानवीय मर्यादाओं में रहकर आदर्श जीवन का परिचय दिया। उनका जीवन त्याग और कर्तव्यपरायणता की एक अमर गाथा है। एक आदर्श राजा के रूप में उनका 'राम राज्य' आज भी सुशासन और न्याय का सर्वोच्च मानक माना जाता है।