Surrender all duties to me and I shall liberate you.
सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।
भगवान श्री कृष्ण विष्णु जी के 'पूर्णावतार' हैं, जिनका व्यक्तित्व अनंत आयामी है। वे प्रेम के सागर भी हैं और धर्म की रक्षा के लिए परम योद्धा भी। श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से उन्होंने संसार को निष्काम कर्म और भक्ति का मार्ग दिखाया। उनकी मुरली आत्मा को परमात्मा से मिलन का निमंत्रण देती है, तो उनका सुदर्शन चक्र अधर्म का विनाश करता है।