Power is meaningless without surrender to the Divine.
ईश्वर के प्रति समर्पण के बिना शक्ति अर्थहीन है।
हनुमान जी साहस, सेवा और अटूट भक्ति के जीवंत प्रतीक हैं। वे भगवान शिव के रुद्रावतार हैं और प्रभु श्री राम के अनन्य भक्त हैं। 'अष्ट सिद्धि और नवनिधि' के दाता हनुमान जी ने अपनी शक्तियों का उपयोग केवल धर्म की रक्षा के लिए किया। वे कलयुग के जाग्रत देवता हैं, जिनकी आराधना से भय और संकटों का नाश होता है।