Love is the greatest penance and the ultimate power.
प्रेम ही सबसे बड़ी तपस्या और अंतिम शक्ति है।
देवी पार्वती हिमालय की पुत्री और भगवान शिव की अर्द्धांगिनी हैं। वे प्रेम, शक्ति और अटूट भक्ति की अधिष्ठात्री हैं। पार्वती जी ने अपनी कठिन तपस्या से यह सिखाया कि दृढ़ संकल्प से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। वे ममतामयी माँ भी हैं और 'शक्ति' का वह रूप भी जो ब्रह्मांड की समस्त गतिविधियों का आधार है।