Bhajan भजन

राम भी आकर यहाँ दुःख सह गये

Ram श्री राम
Lyrics बोल

राम भी आकर यहाँ दुःख सह गये
तुलसी अपनी रामायण में कह गये

राम मर्यादा सिखाने आये थे
धर्म के पथ पर चलाने आये थे
राम भी आकर यहाँ दुःख सह गये

प्रेम हो तोह भारत जैसे भाई का
राज चरणों में रहा रघुराई का
जुलम केकई के भारत भी सह गये

उर्मिला साक्षात् सती की शान है
जिसकी आरती से जगत हैरान है
लखन आकर खुद चकित हे रह गये

जिंदगी दसरथ की बीती श्राप में
प्राण त्याग दिए राम वियोग में
हम यहाँ पर तन सजाते रह गये