Bhajan भजन

कण कण में मईया समाई है

Durga माँ दुर्गा
Lyrics बोल

कण कण में मईया समाई है

कण कण में, मईया समाई है,
नवरात्रों में, घर घर आई है ॥

ऊँचे, ऊँचे रे पर्वत, तेरा भवन निराला ।
मईया, सोहे तुम्हें, लाल फ़ूलों की माला ॥
तेरी, लाल चुनर, बड़ी भाई है,
नवरात्रों में, घर घर आई है ।
कण कण में, मईया समाई है...

जगमग, ज्योत जगे, तेरा भवन सजे ।
जयकारे, लगे, तेरे भक्त नचे ॥
तूँ ही दुर्गा, तूँ महाँ माई है,
नवरात्रों में, घर घर आई है ।
कण कण में, मईया समाई है...

भर दे, झोली तूँ ख़ाली, मै तो, आई दर सवाली ।
मेरे, बगियन की, मईया तूँ ही माली ॥
ओ माँ हम, तेरी परछाई है,
नवरात्रों में, घर घर आई है ।
कण कण में, मईया समाई है...

भक्त, करें पुकार, मईया सुन लो एक बार ।
और, मांगू ना कुछ, बस चाहिए तेरा प्यार ॥
यहीअर्ज़ी, हमने लगाई है,
नवरात्रों में, घर घर आई है ।
कण कण में, मईया समाई है...
॥जय माता दी ॥

अपलोडर- अनिलरामूर्तीभोपाल

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