Bhajan भजन · Hindi

आरती असुर निकंदन की

Hanuman हनुमान जी
Lyrics बोल

धुन- आरती कुंज बिहारी की

आरती असुर निकंदन की।
पवनसुत केशरी नंदन की ।।

1.ज्ञान के सागर हैं हनुमंत।
पड़े पद युगल उपासक संत।
कमल हिय राजै सिय-भगवंत ।।

परमप्रिय-2
परमप्रिय भक्त शिरोमणि की ।।
पवन सुत केशरी नंदन की ।।

आरती असुर निकंदन की।
पवनसुत केशरी नंदन की ।।

2.सीय-रघुवर के तुम प्यारे।
साधु-संतन के रखवारे।
असुर कुल के तुम संहारे।

परमबल-2
परम बलवान शिरोमणि की ,
पवन सुत केशरी नंदन की ।।

आरती असुर निकंदन की।
पवनसुत केशरी नंदन की ।।