Bhajan भजन

चंडी है महाकाल कालिका

Durga माँ दुर्गा
Lyrics बोल

चंडी है महाकाल कालिका खप्पर वाली
रूप धरी विकराल कालिका खप्पर वाली

खून से अपना खप्पर भरने चली दुष्टों का मां वध करने
लेके खड़ग विशाल
कालिका खप्पर वाली

भरली नेत्र में क्रोध की ज्वाला
डाली गले मुंडों की माला
बिखराए है बाल
कालिका खप्पर वाली

रूप धरी काली का रण में
मारी रक्तबीज को क्षण में
की पांपी को निहाल
कालिका खप्पर वाली

अष्टभुजी है मातभवनी
सीता उमा है जग कल्याणी
काटे माया जाल
कालिका खप्पर वाली

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